Ram Mandir: अयोध्या में रामलला पहनेंगे पुणे की सोने से बनी पोशाक, पूजा के लिए ट्रेनिंग ले रहे अर्चक

Ram Mandir: अयोध्या में रामलला के स्वागत की तैयारी जोरों शोरों से चल रही है। मंदिर में भगवान राम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी गति पकड़ती नजर आ रही है। लम्बे समय से शुभ मौके का इंतज़ार कर रहे भक्तों के लिए खुश खबरी है की भगवान राम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को सुनिश्चित की गई है।

पुणे से आयेगी भगवान राम की स्वर्ण पोशाक

अयोध्या में मंदिर स्थापित होने वाली रामलला की मूर्ति के लिए खास पोशाक तैयार की जा रही है। राम मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक़ भगवान राम की मूर्ति के लिए पुणे के कारीगरों द्वारा पोशाक का निर्माण किया जा रहा है। पोशाक की खास बात यह है की यह स्वर्ण के धागों से बनी होगी। स्वर्ण के धागों से बनी पोशाक में रामलला के दर्शन करने को सभी उत्सुक हैं।

खबर है की रामलला की यह पोशाक 22 दिसंबर तक तैयार हो जायेगी। राम मंदिर ट्रस्ट का यह निर्णय है की मंदिर निर्माण के इस कार्य में पूरे भारत का सहयोग होना चाहिए और हार जगह राज्य का इसमें कुछ न कुछ योगदान होना चाहिए। मंदिर निर्माण में सभी राज्यों से अलग अलग सहयोग जैसे पुणे से पोशाक, राजस्थान से पत्थर, महाराष्ट्र से लकड़ी, और जोधपुर से मंदिर की ज्योत का घी मंगाया जा रहा है।

अन्य पूजा पद्धति से अलग होगी राम मंदिर की पूजा

मंदिर के उच्चप्रबंधकों और संतों द्वारा यह बताया गया है कि अयोध्या के राम मंदिर में पूजा के दौरान अनुसरण की जाने वाली पूजा पद्धति भी मौजूदा पद्धति से अलग और बेहद खास होने वाली है। इस मंदिर में भगवान राम की पूजा के दौरान रामानंदीय संप्रदाय की पूजा पद्धति का अनुसरण किया जाएगा। यही नहीं इस पूजा को करने वाले अर्चकभी बेहद खास होने वाले हैं।

अभी तक राम जन्मभूमि परिसर अयोध्या में स्थित अस्थाई मंदिर में अन्य मंदिरों की तरह पंचोपचार विधि द्वारा सामान्य तरीके से पूजा की जाती है। इस पूजा पद्धति में राम भगवान को नए वस्त्र धारण कराना, भोग लगाना और फिर सामान्य रूप से पूजन और आरती करना शामिल है।

जारी है, 21 अर्चकों की प्रशिक्षण ट्रेनिंग

अयोध्या में बन रहे राम मंदिर में भवन राम की पूजा-अर्चना करने के लिए नवनियुक्त अर्चकों पुजारियों का प्रशिक्षण शुरू कर दिया गया है। इसके लिए कुल 21 अर्चकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का सम्पूर्ण खर्च तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के द्वारा वाहन किया जाएगा। यही नहीं प्रशिक्षण के दौरान अर्चकों को 2000 रुपये का स्टाइपेंड दिया जा रहा है।

बता दें कि राम मंदिर का निर्माण भगवान राम की जन्मभूमि उत्तर प्रदेश के अयोध्या में किया जा रहा है। इस मंदिर का निर्माण श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा करवाया जा रहा है। मंदिर में टाइल्स से लेकर लाइट फिटिंग तक का काम पहले ही पूरा हो चुका है। अब गर्भगृह बनकर तैयार हो चुका है। हाल ही में अयोध्या से राम मंदिर का नया वीडियो वायरल हुआ था। इसमें मंदिर की झलक देखने को मिली थी।

इस मंदिर का भूमि पूजन अगस्त 2020 में हुआ था और अभी भी इसका निर्माण जारी है। मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए थे। अगले साल यानि जनवरी, 2024 में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह भी होने वाला है।

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