11 जनवरी को पौष मास की अमावस्या, जानें महत्व ओर उपाय

गुरुवार, 11 जनवरी को पौष मास की अमावस्या है। हिन्दी पंचांग में एक वर्ष में 12 महीनों में 12 अमावस्या आती है और इस तिथि का महत्व भी बड़े पर्व की तरह ही है। पौष मास की अमावस्या गुरुवार को होने से इस दिन भगवान विष्णु और गुरु ग्रह की पूजा के साथ ही पितरों के लिए धूप-ध्यान करने का शुभ योग बन रहा है।

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, अमावस्या से जुड़ी कई मान्यता हैं। इन मान्यताओं का पालन करने से अक्षय पुण्य मिलता है, ऐसा पुण्य जिसका असर जीवनभर बना रहता है। जानिए पौष अमावस्या से जुड़ी खास बातें…अमावस्या पर किसी पवित्र नदी में स्नान और तीर्थ दर्शन करना चाहिए। किसी पौराणिक मंदिर में दर्शन और पूजन करें। नदी स्नान नहीं कर पा रहे हैं तो अपने घर पर पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं।

जो लोग किसी मंदिर में दर्शन करने भी नहीं जा पा रहे हैं, घर पर ही पूजा करनी चाहिए। यह पितरों के लिए धूप-ध्यान करने की तिथि है। अमावस्या तिथि के स्वामी पितर देवता माने गए हैं। घर के पितर देवता के लिए इस दिन धूप-ध्यान जरूर करना चाहिए। कुटुंब के मृत सदस्यों को पितर देव माना जाता है, उनकी आत्म शांति के लिए अमावस्या पर धूप-ध्यान करने की परंपरा है। नदी में स्नान के बाद पितरों के नाम से तर्पण करना चाहिए। इसके लिए हाथ में नदी का जल लें और अंगूठे की ओर से जल नदी में अर्पित करें। इस दौरान पितरों का ध्यान करते रहना चाहिए।

पितरों के लिए धूप-ध्यान करना चाहते हैं तो इसके लिए दोपहर का समय सबसे अच्छा रहता है। गाय के गोबर से बने कंडे जलाएं। जब कंडे से धूआं निकलना बंद हो जाए, तब कंडे के अंगारों पर गुड़-घी अर्पित करें। पितरों का ध्यान करें। हथेली में जल लेकर अंगूठे की ओर से अर्पित करें।गुरुवार और अमावस्या के योग में भगवान विष्णु और महालक्ष्मी का अभिषेक करें। विष्णु-लक्ष्मी की पूजा करें। मिठाई का भोग तुलसी के साथ लगाएं।

धूप-दीप जलाकर आरती करें और ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें। गुरुवार को गुरु ग्रह के लिए पूजा-पाठ जरूर करें। गुरु ग्रह की पूजा शिवलिंग रूप में की जाती है। इसलिए अमावस्या के दिन शिवलिंग पर चंदन से लेप करें। पीले फूलों से और बिल्व पत्र से श्रृंगार करें। बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। धूप-दीप जलाकर आरती करें। गुरु ग्रह के मंत्र ऊँ बृं बृहस्पतये नमः का जप कम से कम से 108 बार करें।

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