Kuwait के शासक का निधन पीएम मोदी ने जताया दुःख एक दिन की राष्ट्रीय शोक की घोषणा


Kuwait: कुवैत के अमीर शेख नवाब अल-अहमद अल-जबर अल-सबाह इस दुनिया में नहीं रहे। 86 साल की उम्र में 16 दिसंबर को उनका निधन हो गया। कुवैत के अमीर के निधन पर भारत सरकार ने भी दुख जताया हैं ।इसे देखते हुए रविवार को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को भेजें एक संदेश में कहा कि 17 दिसंबर को राष्ट्रीय शोक के दौरान पूरे भारत में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और कोई आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम नहीं होगा।

शेख ने सितंबर 2020 में सत्ता संभाली थी ।3 साल तक सत्ता में रहने के बाद उनका निधन हो गया। शेख नवाफ ने अपने बड़े भाई और पूर्व अमीर शेख सबाह की तरह भारत के साथ बेहतर संबंध को तवज्जो दिया। शनिवार को जैसे ही शेख के निधन की खबर आई देश के तमाम टीवी चैनलों पर इंटरनेट प्रोग्राम अचानक बंद कर दिए गए ।इसके बाद शोक संदेश दिखाए गए।

कुवैत में 40 दिनों तक रहेगा शोक

नवाब के निधन पर कुवैत में 40 दिनों के शोक की घोषणा की है और सरकारी कार्यालय तीन दिनों के लिए बंद रहेंगे। समाचार एजेंसी के अनुसार नवंबर में शेख नवाफ को आपातकालीन स्वास्थ्य समस्या के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसमें उनकी बीमारी के बारे में विस्तार से नहीं बताया गया था। हालांकि तब उनकी हालत स्थिर बताई गई थी।

सबाह के बारे में मुख्य बातें

1937 में जन्मे नवाब कुवैत के पूर्व शासक शेख अहमद अल- जबर अल सबाह के पांचवें बेटे थे। शेख नवाब ने कुवैत में माध्यमिक शिक्षा प्राप्त की। लेकिन उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कि। उन्होंने अपना राजनीतिक कैरियर 25 साल की उम्र में हवल्ली प्रांत के गवर्नर के रूप में शुरू किया। जहां वे 1978 तक रहे अमीर बनने से पहले नवाफ गृह और रक्षा मंत्रालय संभाल चुके थे।

‘क्षमा के अमीर’ की उपाधि मिली

शेख नवाब का शासन काल हालांकि कुवैत के इतिहास में सबसे छोटा नहीं था। इतिहास के सहायक प्रोफेसर बदर अल सैफ के अनुसार कई माफी जारी करने के लिए उल्लेखनीय था। जिससे उन्हें क्षमा के अमीर की उपाधि कुवैत के विश्वविद्यालय में मिली। पिछले महीने कुवैत की मंत्री परिषद ने पिछले दशक के दौरान दोषी ठहराए गए राजनीतिक कैदियों के लिए माफी के लिए एक शाही आदेश के मसौदे को मंजूरी दे दी थी। इसी तरह के क्षमादान 2021 में भी जारी किए गए थे।

क्राउन प्रिंस बनने वाले दुनिया के सबसे उम्रदराज शख्स

1991 में शेख नवाफ कुवैत के रक्षा मंत्री बने। शेख नवाफ 1994 में नेशनल गार्ड की डिप्टी कमांडर के रूप में लौटे और 2003 में फिर से गृह मंत्री बने। माना जाता है कि शेख नवाब 83 साल की उम्र में क्राउन प्रिंस बनने वाले दुनिया के सबसे उम्र दराज शख्स थे। यही वजह है कि जब 2020 में उन्हें शाही परिवार के कुछ अमीर बनाए जाने के पक्ष में नहीं थे।

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कौन होंगे कुवैत के नए नवाब

कुवैत के अमीर शेख नवाफ अल अहमद अल सबा के निधन के बाद उनके भाई शेख मेशाल को नया अमीर घोषित किया गया है। हालांकि 83 वर्षीय शेख मेशाल अल अहमद अल सबा के पास यह जिम्मेदारी 2021 में ही आ गई थी। जब कुवैत के मौजूदा शासक शेख नवाफ अपने अधिकांश काम अपने छोटे भाई को सौंप चुके थे ।कुवैत के संविधान के तहत पूर्ववर्ती आमिर के अक्षम हो जाने पर क्राउन प्रिंस अमीर बन जाता है। 3 साल पहले क्राउन प्रिंस बनने से पहले शेख ने अपना अधिकांश कैरियर खाड़ी राज्य की सुरक्षा और रक्षा के निर्माण के लिए समर्पित कर चुके हैं।

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