हर साल 10 दिसंबर को मनाया जाता है “अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस”, जानें अपने मूल अधिकारों के बारे में

Human Rights Day: मानवाधिकार एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जो हमारी समाज में व्यक्ति की गरिमा, समानता, और न्याय को सुनिश्चित करता है। हर वर्ग, जाति, धर्म, और लिंग के व्यक्ति को उनके मौलिक अधिकारों का अधिकार है। इसी कारण हर साल 10 दिसंबर को ‘मानवाधिकार दिवस’ मनाया जाता है। यह दिन उस संविदानिक प्रक्रिया का प्रतीक है जिससे मानवाधिकारों का सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

Human Rights Day 2023: मानवाधिकार दिवस की 75वीं वर्षगांठ की थीम

इस साल देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। इसी बीच आज यानि 10 दिसंबर, 2023 को मानवाधिकार दिवस की 75वीं वर्षगांठ भी मनाई जा रही है। इस वर्ष की थीम, “स्वतंत्रता, समानता और सभी के लिए न्याय” है। जो इन स्तंभों की परस्पर संबद्धता और इन सभी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए इसके महत्व को रेखांकित करती है।

भारतीय संविधान में उल्लेखित मौलिक अधिकार

भारतीय संविधान के विभन्न भागों में से भाग-3 में मौलिक अधिकारों को शामिल किया गया है। उस समय संविधान में 7 मौलिक अधिकारों को शामिल किया गया था, जिसमें “संपत्ति का अधिकार” भी शामिल था। लेकिन 44वें संविधान संसोधन में इस मौलिक अधिकार को कानूनी अधिकार में शामिल कर दिया गया। अब भारतीय संविधान में केवल 6 मौलिक अधिकार शामिल है। यह निम्नलिखित है।

  • समानता का अधिकार
  • स्वतंत्रता का अधिकार
  • शोषण के विरुद्ध अधिकार
  • धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार
  • शिक्षा और संस्कृति संबंधी अधिकार
  • संवैधानिक उपचारों का अधिकार

मानवाधिकार उल्लंघन होने पर करें शिकायत

यदि किसी भी कारण किसी भी व्यक्ति के मानवाधिकार के अंतर्गत आने वाले मूल अधिकार का उल्लंघन होता है, तो इसके लिए वह व्यक्ति शिकायत भी कर सकता है। इसके लिए आप नीचे बताई गईं जगहों पर शिकायतें कर सकते हैं।

  • एनएचआरसी की आधिकारिक वेबसाइट (https://nhrc.nic.in/) पर शिकायत दर्ज करें।
  • ऑनलाइन पोर्टल www.hrcnet.nic.in पर जाकर शिकायत दर्ज करें।
  • राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के मदद सेंटर में लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
  • मानवाधिकार के टोल फ्री नंबर 144334 या 9810298900 कॉल करके भी शिकायत कर सकते हैं।

मानवाधिकार दिवस का मुख्य उद्देश्य

इस दिन का मुख्य उद्देश्य लोगों को मानवाधिकारों के महत्व को समझाना और उन्हें उनकी संरक्षा के लिए सक्रिय होने की प्रेरणा देना है। मानवाधिकार दिवस का उद्देश्य मानवता और न्याय के मूल्यों को प्रोत्साहित करना है।

यह दिन समाज में भेदभाव कम करने के लिए मनाया जाता है ताकि दुनिया भर में लोग किसी भी आधार पर कोई भेदभाव न करें, चाहे वह नस्ल के आधार पर हो, रंग के आधार पर, लिंग के आधार पर, भाषा के आधार पर, धर्म के आधार पर या फिर राजनीति या अन्य विचार के आधार पर।

यह एक मौका है जब हमें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए, साथ ही दूसरों के अधिकारों का सम्मान करना भी सीखना चाहिए। यह दिन हर साल एक मौका है हमें इस महत्वपूर्ण संकल्प को याद करने का, जिससे हम समृद्ध समाज की ओर बढ़ सकें जहाँ सभी को उनके मौलिक अधिकारों का सम्मान मिले।

मानवाधिकार दिवस के महत्व

मानवाधिकार दिवस के इतिहास में, 1948 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने ‘मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा’ को स्वीकार किया था। इस घोषणा में मानवीय अधिकारों की महत्वपूर्णता को मान्यता दी गई थी और यह तय किया गया था कि हर व्यक्ति को गरिमा और समानता का अधिकार है, जो बिना किसी भेदभाव और अन्याय के होना चाहिए।

मानवाधिकारों की गणना में गरीबी, असमानता, भेदभाव, और अन्याय का सामना करने वाले लोगों के अधिकारों को बढ़ावा देना जरूरी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, खान-पान, न्याय, और मौलिक अधिकारों का सम्मान करने से हमारे समाज में सशक्तिकरण करने का एक बेहद अच्छा माध्यम है।

मानवाधिकार दिवस के मौके पर, हमें समाज में जागरूकता फैलानी चाहिए कि हर व्यक्ति को उसके मौलिक अधिकारों का अधिकार है और इन्हें सुनिश्चित करने का दायित्व समाज का हर व्यक्ति उठा सकता है।

आज, जब हम अपने जीवन में इतनी तरह के चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, मानवाधिकारों का महत्व और उनकी सुरक्षा को लेकर हमारी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। मानवाधिकार दिवस हर व्यक्ति को एक समृद्ध और समान समाज की ओर ले जाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *