प्रदूषण बढ़ने के कारण दिल्ली एनसीआर में लागू हुआ ग्रेप-3, दिल्ली में 400 के पार तो गुरुग्राम में 485 पर पहुंचा AQI

Delhi Air Pollution: दिल्ली शहर, जिसे भारत की राजधानी के रूप में जाना जाता है, देश की शान और गर्व का प्रतीक है। लेकिन आजकल यहाँ के प्रदूषण का स्तर बहुत चिंताजनक हो गया है। प्रदूषण के स्तर की बढ़ती हुई चिंता ने हर कोने में अपना प्रभाव जताया है, और हाल ही में हुए घटनाक्रमों ने इसे और भी चुनौतीपूर्ण बना दिया है। प्रदूषण से बिगड़ते हुए हालात और AQI बढते उच्च स्तर को देखकर केंद्र सरकार ने सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं और और साथ ही दिल्ली में ग्रेप-3 फिर से लागू कर दिया है।

क्या होता है, AQI

AQI यानि Air Quality Index एक मानदंड होता है, जो प्रदूषण का स्तर नापने के काम आता है। इसकी इकाई 0 से 500 तक होती है। AQI मान जितना अधिक होगा, वायु प्रदूषण का स्तर उतना ही अधिक होगा और स्वास्थ्य संबंधी चिंता उतनी ही अधिक होगी। AQI को छः इकाई में बांटा जाता है, जो कि कुछ इस प्रकार है।

AQI की इकाईप्रदूषण का स्तर
0-50अच्छा
51-100संतोषजनक
101-200मध्यम
201-300खराब
301-400बेहद खराब
401-500गंभीर श्रेणी
AQI Level

485 पर पहुंचा AQI

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर हर वर्ष की तरह इस बार भी उच्च स्तर पर पहुंच गया है। विभिन्न प्रकार के उच्च प्रदूषण के स्तर ने हवा में जहरीले वायु का संचार किया है और लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाला है। हाल ही में आयर गुरुग्राम में आया वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) का स्तर 485 पर पहुंचा है, जो कि खतरनाक स्तर होता है।

इसके अलावा दिल्ली के आनंद विहार का एक्यूआई 447, बवाना का 460, द्वारका का 447, पूसा का 472, लोधी रोड का 400, एयरपोर्ट T3 406, RK पुरम का 466, नोएडा का 401, ग्रेटर नोएडा का398, गाजियाबाद का 386, फरीदाबाद का 363 तक दर्ज किया गया। यह सभी आकड़ें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के द्वारा जारी किए गए हैं।

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क्या होता है, ग्रेप-3

ग्रेप-3 लागू होने के दौरान धूल से जुड़े काम व अन्य निर्माण कार्यों जैसे खुदाई, बोरिंग, ड्रिलिंग, स्ट्रक्चरल कंस्ट्रक्शन, वेल्डिंग वर्क, तोड़फोड़, प्रोजेक्ट साइट के बाहर निर्माण सामग्री की लोडिंग-अनलोडिंग,पॉलिशिंग और वार्निशिंग के कामों पर पर रोक रहती है।

दिल्ली में लागू हुआ ग्रेप-3

दिल्ली के अधिकतर क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर 400 के पार दर्ज किया गया है, जो कि प्रदूषण बेहद खराब श्रेणी से गंभीर श्रेणी को दर्शाता है। प्रदूषण के उच्च स्तर को देखते हुए केंद्र सरकार ने दिल्ली में ग्रेप-3 फिर से लागू हो गया है। यदि फिर भी हालात पर काबू नहीं पाया जा सका तो दिल्ली में ग्रेप-4 भी लागू किया जा सकता है।

AQI बढ़ने का कारण

प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ने का मुख्य कारण वाहनों, उद्योगों और कृषि के कार्यों में हो रही धूल और धुआं का निर्माण है। इन उपायों की कमी ने हवा में विषैले कणों का स्तर बढ़ा दिया है, जो लोगों के स्वास्थ्य को खतरे में डाल रहा है।

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बढ़ते प्रदूषण का समाधान

प्रदूषण की इस समस्या को हल करने के लिए, हमें साथ मिलकर कठिन परिस्थितियों का सामना करना होगा। इस समस्या को हल करने के लिए सरकार भी कदम उठा रही है। कई जगहों पर ऑटोमेटिक प्रदूषण परीक्षण केंद्रों की स्थापना की गई है ताकि वाहनों की प्रदूषण मानदंडों का नियमित निगरानी हो सके।

इसके अलावा, उद्योगों को भी प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं ताकि उनका योगदान कम हो सके। कृषि में भी नए तकनीकी उपाय लागू किए जा रहे हैं जो कि प्रदूषण को कम कर सकते हैं। प्रदूषण कम करने के लिए नई नीतियों और कानूनों को लागू किया जा रहा है।

सरकार के निर्देशों का पालन करने से लेकर, हमें खुद भी उपायों में योगदान देना होगा। हमें यह समझना होगा कि हमारे व्यक्तिगत स्तर पर भी क्या बदलाव किया जा सकता है। हमें अपने वाहनों का उपयोग कम करना होगा, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना होगा, और वृक्षारोपण जैसे पर्यावरण के लिए उपयोगी कदम उठाने होंगे।

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