Covid: चीन में संक्रमण बढ़ाने वाला JN.1 वेरिएंट क्या भारत में भी दे चुका है दस्तक?

Covid: दुनिया भर में कोरोना महामारी को 4 साल होने वाले हैं लेकिन इसका दर अब भी लोगों को परेशान कर रहा है दिसंबर 2019 से चीन में शुरू हुई कोरोना महामारी को इसी साल में में भले ही विश्व संगठन ने ग्लोबल हेल्थ एमरजैंसी की सूची से बाहर कर दिया हो पर संक्रमण का खतरा अभी भी काम नहीं हुआ है।

पिछले कुछ महीनो से दुनिया भर में संक्रमण की रफ्तार काफी नियंत्रित देखी जा रही थी हालांकि पिछले दिनों चीन में सब वेरिएंट जे एन 1 के कारण एक बार फिर से संक्रमण के मामले बढ़ने की खबर है अब तक यहां सात लोगों के इससे संक्रमित होने की पुष्टि की गई है स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस सब वेरिएंट को लेकर सावधानी बार रखने की अपील कर रहे हैं।

चिंता की बात यह है कि इस नए वेरिएंट ने भारत में भी दस्तक दे दी है। सबसे पहले भारत में सिंगापुर में एक भारतीय यात्री में कोविद-19 के जेएन 1 संक्रमण का पता चला था। उसने 25 अक्टूबर को सिंगापुर की यात्रा की थी।

केरल से सामने आया जेएन 1 का पहला मामला

केरल में कोरोनावायरस के नए सब वेरिएंट जे एन वन का पहला मामला सामने आया है। न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को कहा कि 79 वर्षीय महिला के नमूना की 18 नवंबर को आरटी पीसीआर जांच की गई थी। जो संक्रमित पाया गया। महिला में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारियों के हल्के लक्षण थे और वह कोविद-19 से उबर चुकी है।

सूत्रों ने बताया कि देश में कोविद-19 के वर्तमान में 90% से अधिक मामले गंभीर नहीं है और संक्रमित लोग अपने घरों में क्वॉरेंटाइन में रहे रहे हैं। इससे पहले सिंगापुर में एक भारतीय यात्री में जेएन वन संक्रमण का पता चला था। यह व्यक्ति तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले का मूल निवासी है और उसने 25 अक्टूबर को सिंगापुर की यात्रा की थी।

तिरुचिरापल्ली जिले या तमिलनाडु के अन्य स्थानों में जेएन वन से संक्रमण के मामले सामने आने के बावजूद मामलों में वृद्धि दर्ज नहीं हुई है। सूत्र ने कहा भारत में जेएन वन वेरिएंट का कोई अन्य मामला सामने नहीं आया है। कोविड-19 के सब वेरिएंट जेएन 1 की पहचान पहली बार लक्जमबर्ग में की गई थी। कई देशों फैला या संक्रमण परोलो स्वरूप से संबंधित है।

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क्या है एक्सपर्ट की राय

भारतीय जिनोमिक्स कंसोर्टियम के चीफ डॉक्टर एनके अरोड़ा ने कहा “नवंबर में रिपोर्ट किया गया था और इस वेरिएंट को अलग कर दिया गया है ।यह BA. 2.86 का एक सब वेरिएंट है हमारे पास के जेएन 1 के कुछ मामले हैं। उन्होंने कहा भारत निगरानी रख रहा है और यही कारण है कि अब तक किसी अस्पताल में भर्ती होने या गंभीर बीमारी की सूचना नहीं मिली है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं पिछले 3 साल से सर्दियों में कोरोना के मामलों में उछाल देखा जाता रहा है ।इस बार फिर से एक नए वेरिएंट को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे सभी लोगों को सावधानी बरतनी की आवश्यकता है हालांकि इस सब वेरिएंट के कारण बड़ी समस्या आएगी इस बात की आशंका कम है

सिंगापुर में भी बढ़े कोरोना के केस

चीन के अलावा सिंगापुर में भी कोरोना के मामले बढ़ने की खबर है। सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया 3 से 9 दिसंबर तक मामलों की अनुमानित संख्या बढ़कर 56,043 हो गई जो इससे पिछले सप्ताह के 32,035 मामलों की तुलना में 75% अधिक है। यहां अधिकतर लोगों को जे एन 1 सब वेरिएंट से ही संक्रमित पाया जा रहा है।

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