Chowdhary Charan Singh: चौधरी चरण सिंह की 121वीं जयंती, इस दिन मनाते हैं राष्ट्रीय किसान दिवस


Chowdhary Charan Singh: आज भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का जन्मदिन है। उनका जन्म आज ही के दिन 23 दिसंबर 1902 को हुआ था। उनके जन्मदिन को हर वर्ष राष्ट्रीय किसान दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने अपने जीवन काल में प्रधानमंत्री रहते हुए किसानों के हितों की रक्षा करने तथा उन्हें सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए थे। इसलिए उन्हें तथा किसानों को सम्मान देने के लिए उनके जन्मदिन को किसान दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।

उनका मानना था कि कृषि मजदूर एवं अन्य लाखों गरीब किसानों एवं ग्रामीण बेरोजगारों की आय बढ़ाने के लिए कृषि आधारित उद्योग को प्रोत्साहन देना अति आवश्यक है। वह कहते थे कि 1991 में शुरू किए गए आर्थिक सुधारो के कार्यक्रम के बाद देश में आर्थिक विकास तो तेजी से हो रहा है, लेकिन विकास के इस प्रक्रिया में गांव, किसान और खेती हास्य पर आ गए हैं ।आज किसान राजनीति, धर्म, जाति और क्षेत्र या अन्य भावुक मुद्दों में उलझ कर रह गई है। चाहे सांसद हो या विधानमंडल कहीं भी किसानों की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है।

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51 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण

मुरादाबाद में राष्ट्रीय किसान दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की 51 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण करेंगे। अखिल उत्तर प्रदेश जाट सभा ने किसान नेता चौधरी चरण सिंह की जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया है। 23 दिसंबर को आयोजित कार्यक्रम में एक लाख लोगों के पहुंचने का दावा किया जा रहा है। आयोजकों ने सभी जाट और किसान नेताओं को कार्यक्रम में शिरकत का न्योता भेजा है।

उन्होंने कभी नहीं की खेती पर फिर भी समझा किसानों का दर्द

दिलचस्प बात यह है कि चौधरी चरण सिंह ने कभी भी खेती नहीं की। पर फिर भी वे जीवन भर खेतीहर किसानों से जुड़े सवालों को लेकर मुखर रहे। 23 दिसंबर 1902 को मेरठ के नूरपुर गांव में जन्मे चरण सिंह ने स्वतंत्रता की लड़ाई में हिस्सेदारी की। 1929 में कांग्रेस में शामिल हुए। गांधी जी के अनुयाई थे। नमक सत्याग्रह से लेकर भारत छोड़ो आंदोलन सहित हर संघर्ष में भाग लिया और कई जेल यात्राएं की। आजाद भारत में लंबे समय तक राजनीतिक पटल पर छाए रहे। उत्तर प्रदेश में एक सख्त और योग्य प्रशासक की उनकी कड़क छवि थी।

1974 में राष्ट्रीय राजनीति में कदम

1969 के राज्य विधानसभा के मध्य अवधि चुनाव में चरण सिंह के नेतृत्व वाला भारतीय क्रांति दल मुख्य विपक्षी दल के तौर पर उभरा। 1970 में चरण सिंह फिर से साझा सरकार के मुख्यमंत्री थे। पर इस बार कांग्रेस के साथ।1974 में चौधरी चरण सिंह ने राष्ट्रीय राजनीति की ओर कदम बढ़ाया। उसी साल 29 अगस्त को लोक दल का गठन किया। अन्य प्रमुख विपक्षी नेताओं की तरह आपातकाल में वे भी जेल में थे।

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किसानों के बीच बेहद लोकप्रिय

चौधरी चरण सिंह किसानों के काफी बेहद करीब थे। वह किसानों की जिंदगी को सुधारने तथा उन्हें सशक्त बनाने के लिए हमेशा प्रयासरत रहते थे। उनके लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है जब उन्होंने अपने 76वें जन्मदिन पर 23 दिसंबर 1978 को उन्होंने दिल्ली के वोट क्लब पर ऐतिहासिक रैली की जिसमें किसानों का सैलाब उमड़ पड़ा था।

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