CBSE 2024: CBSE बोर्ड परीक्षा में हुआ बड़ा बदलाव, अब 10वीं और 12वीं बोर्ड रिजल्ट में नहीं दिए जाएंगे डिविजन और डिस्टिंक्शन

CBSE Board: CBSE ने हाल ही में एक बड़ी घोषणा की है, जो भारतीय शिक्षा पद्धति में एक महत्त्वपूर्ण बदलाव ला सकती है। इस घोषणा के अनुसार, अब सीबीएसई 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों को डिविजन या डिस्टिंक्शन नहीं दिया जाएगा।

बोर्ड परीक्षाओं में डिविजन और डिस्टिंक्शन की भावना छात्रों को प्रतिष्ठा के लिए प्रेरित करती है, लेकिन यह भावना भी छात्रों में अधिकतर मानसिक तनाव और दबाव को जन्म देती है। यह नया नियम छात्रों को उनके पढ़ाई में और भी जुटाव और समर्पण की दिशा में प्रेरित करेगा।

कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन ने कहा, “बेस्ड फाइव स्कोर स्कूल देंगे”

CBSE के कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन संयम भारद्वाज इस बारे में बताते हुए कहते है कि, “अब सीबीएसई के दसवीं और बारहवीं के नतीजों में ओवरऑल डिविजन, डिस्टिंक्शन या एग्रीगेट अंक नहीं दिए जाएंगे। बोर्ड न तो परसनटेज की गिनती करेगा और न ही रिजल्ट में इसकी जानकारी दी जाएगी।”

छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को देखकर किया बदलाव

CBSE के इस निर्णय के पीछे की मुख्य वजह है छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल करना। बोर्ड परीक्षाओं में डिविजन और डिस्टिंक्शन की रेस में छात्रों का मानसिक दबाव बढ़ जाता है। इससे कई छात्र अपने अच्छे परिणामों के बावजूद अपनी मानसिक स्वस्थता पर नकारात्मक प्रभाव महसूस करते हैं। यह नया नियम सीधे तौर पर छात्रों के मानसिक दबाव को कम करने का प्रयास है।

इस नए प्रणाली का लागू होना शिक्षा में स्थायी बदलाव लाने की संकेत देता है। यह न केवल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए भी एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

बोर्ड परीक्षाओं में छात्रों को डिविजन या डिस्टिंक्शन न मिलने से उन्हें अपने अध्ययन में और भी गहराई से जाने का मौका मिलेगा। अब वह सिर्फ अपनी अच्छी प्रदर्शन क्षमता पर ध्यान केंद्रित करेंगे, जो कि उनके भविष्य के लिए अधिक महत्त्वपूर्ण है।

इस निर्णय के बावजूद, कुछ लोगों के मानने में इसमें कुछ समस्याएं हो सकती हैं। डिविजन या डिस्टिंक्शन को हटाने से कुछ छात्र अपने प्रतिष्ठात्मक अभिवृद्धि का स्तर कम होता हो सकता है। लेकिन इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य छात्रों के मानसिक समृद्धि और स्थिरता को बढ़ावा देना है।

Also Read: UPI के द्वारा गलती से भेजा गया 4 घंटे के भीतर पैसा वापस होगा, जानें कैसे काम करता है UPI Transaction Reverse

CBSE ने पहले भी कर चुका है, बदलाव

बता दें कि इसके पहले सीबीएसई ने पहले भी अपनी परीक्षा प्रणाली में कुछ बदलाव किए हैं। सीबीएसई बोर्ड ने कुछ समय से मेरिट लिस्ट रिलीज करना बंद कर दिया है। अब सीबीएसई बोर्ड 10वीं और 12वीं कक्षा परीक्षा के टॉपर्स की लिस्ट जारी नहीं करता। बोर्ड ने अपने इस फैसले के पीछे भी यही तर्क दिया था कि वह ऐसा करके स्टूडेंट के बीच अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा को खत्म करना चाहते हैं।

आवश्यकता पड़ने पर संस्थान खुद करें कैलकुलेशन

बोर्ड का कहना है कि वह अब इस बारे में कोई जानकारी नहीं देगा। अगर नौकरी के लिए या हायर स्टडीज के लिए स्टूडेंट की परसनटेज कैलकुलेशन करनी हो, तो कंपनी या संस्थान को खुद ही इसकी कैलकुलेशन करनी होगी।

बोर्ड ने यह भी कहा कि यदि किसी कंडीशन में किसी कंपनी या कोई संस्थान को सीबीएसई बोर्ड के स्टूडेंट के रिजल्ट का आंकलन करना हो, तो वह अपने हिसाब से स्टूडेंट के पांच या उससे ज्यादा विषयों की जाँच कर फैसला कर सकते हैं। यदि स्टूडेंट के पास पांच से ज्यादा सब्जेक्ट हैं, तो यह उस कंपनी या संस्थान को ही तयना होगा कि सभी विषयों में से उन्हें कौनसे पांच विषयों को बेस्ट सब्जेक्ट में गिनना है।

CBSE Board Exam 2024: 15 फरवरी से शुरू होंगी सीबीएसई परीक्षाएं

CBSE Board ने इस साल रिजल्ट जारी करने के साथ ही CBSE Exam 2024 परीक्षा तिथियों की घोषणा कर दी थी। हालांकि, अभी तक CBSE ने दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं के लिए CBSE Board Exam 2024 क्लेंडर के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। लेकिन खबरों के अनुसार CBSE Exam 2024 15 फरवरी 2024 से शुरू होकर अप्रैल तक चलेंगे। उम्मीद है कि बोर्ड जल्द ही इसके लिए डेटशीट जारी कर देगा।

सीबीएसई का यह निर्णय शिक्षा प्रणाली में एक नई दिशा का प्रारंभ कर सकता है। यह छात्रों को सिर्फ परिणामों के लिए नहीं, बल्कि अच्छे अध्ययन के लिए भी प्रोत्साहित करेगा। अब छात्रों को अपने अध्ययन में नई दृष्टिकोण और समर्पण की दिशा में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।

अंत में, यह निर्णय छात्रों के अध्ययन में एक सकारात्मक बदलाव लाने की संकेत देता है। डिविजन या डिस्टिंक्शन की बजाय, छात्रों को अब अपने अध्ययन में समर्पितता और उन्नति की दिशा में दृष्टि रखनी चाहिए। यह निर्णय छात्रों के भविष्य के लिए एक सुधार हो सकता है और उन्हें एक संतुलित और सुखद जीवन की दिशा में मदद कर सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *